GSM क्या है | What is GSM in hindi

हैलो दोस्तों आज हम GSM क्या हैं इसके लाभ हानि और history के बारें में पढेंगे.

GSM क्या है

GSM का Full form Global Systems for Mobile Communication है|

एक डिजिटल मोबाइल नेटवर्क के लिए एक second generation (2G) स्टैण्डर्ड है, जिसका उपयोग हम सभी अपने मोबाइल फोन में करते हैं। यह एक महत्वपूर्ण तकनीक है, जो वायरलेस कम्युनिकेशन के लिए काम करती है। GSM नेटवर्क का उद्देश्य मोबाइल फोन पर कॉल करने और प्राप्त करने के लिए एक सामान्य तकनीक प्रदान करना है। इसे 1980 के दशक के अंत में विकसित किया गया था, और यह आज दुनिया भर में लाखों उपयोगकर्ताओं द्वारा उपयोग किया जा रहा है।

या

यह एक डिजिटल cellular technology है जिसका प्रयोग mobile voice तथा data services को ट्रांसमिट करने के लिए किया जाता है. इसमें mobile voice तथा data services को 850 MHz, 900 MHz, 1800 MHz तथा 1800 MHz फ्रीक्वेंसी बैंड्स पर operate किया जाता है.

इसके concept को 1970 के दशक में Bell laboratories में प्रस्तावित किया गया था.

GSM को डिजिटल सिस्टम के तौर पर विकसित किया गया था इसे विकसित करने के लिए Time Division Multiple Access (TDMA) तकनीक का प्रयोग किया गया था.

GSM पहले Circuit Switching नेटवर्क था बाद में इसमें packet switching को implement किया गया और इसके बाद इसमें GPRS (general packet Radio service) को भी implement कर दिया गया.

  • वर्तमान में दुनिया के 70% लोग इसका प्रयोग कर रहे है.
  • GSM 64 kbps से 120 mbps तक के data rates को carry कर सकता है.
  • यह सामान्य service से लेकर advance services भी उपलब्ध करता है जैसे:- roaming.
    roaming के द्वारा हम अपने GSM फ़ोन नंबर को दूसरे नेटवर्क में प्रयोग कर सकते है.
  • इसमें हम GPRS तथा SMS की सेवाओं का लाभ उठा सकते है तथा इसमें phone number को identify करने के लिए subscriber identity module (SIM) का प्रयोग किया जाता है.
  • GSM phone में हम एक SIM card को निकालकर दूसरा SIM डाल सकते है.
  • इसमें डेटा को compress करके channel के माध्यम से भेजा जाता है.
  • GSM एक टेलीफोन नेटवर्क तकनीक है, जो डिजिटल सिग्नल ट्रांसमिशन का उपयोग करती है।
  • GSM में, सभी डेटा को पैकेट्स में भेजा जाता है, जिससे डेटा की गति और गुणवत्ता बेहतर होती है।
  • यह नेटवर्क मोबाइल फोन के लिए कॉलिंग, SMS, और डेटा सेवाओं की सुविधा प्रदान करता है।

GSM के लाभ

GSM के लाभ निम्नलिखित है:-

  1. GSM Mobile Phones तथा Modem पूरी दुनिया में Available होते है |
  2. यह काफी सस्ता है यानि इसमें सस्ती Call Rates, Free Messaging की Facility तथा Limited Free Calls का Plan Available होता है|
  3. इसमें Calling की Quality अच्छी होती है साथ ही यह CDMA से ज्यादा secure है |
  4. इसमें Value Added सेवायें होती है जैसे:- GPRS, SMS आदि |
  5. इसके Mobiles में Battery Power की Consumption [खपत] बहुत ही कम होती है |
  6. Tri based GSM के माध्यम से हम अपने फ़ोन को दुनिया में कहीं इस्तेमाल कर सकते है |
  7. इसका इस्तेमाल ISDN (Integrated Services Digital Network) तथा अन्य सेवाओं के साथ कर सकते है |
  8. इसमें International Roaming की सुविधा Available होती है |
  9. GSM में Internet की Speed बहुत ही अच्छी होती है |
  10. इसके नेटवर्क को Maintain करना बहुत ही easy होता है |
  11. इसमें Phone SIM Cards की सहायता से चलता है और हम Different SIM Cards का इस्तेमाल कर सकते है |

GSM की हानियाँ

GSM की हानियाँ निम्नलिखित है:-

  1. CDMA की तुलना में इसकी roaming का charge ज्यादा है.
  2. इसमें mobile के द्वारा की गयी call को tamper किया जा सकता है.
  3. यदि SIM खो जाती है तो यदि हमने अपने Data को Phone में Save नहीं किया है  |तो उसमें present data (जैसे:- number, message आदि) भी खो सकते है.
  4. Airplanes, petrol pumps तथा hospitals में GSM पर आधारित mobile का प्रयोग नही करना चाहिए क्योंकि यह pulse based burst transmission तकनीक का प्रयोग करती है.

GSM का इतिहास

GSM का इतिहास निम्नलिखित है:-

  • 1982:- Pan-European cellular mobile system के स्टैण्डर्ड को बढ़ाने के लिए एक G.S.M group को बनाया गया.
  • 1985:- इस group के द्वारा दी गयी recommendation की list को accept किया गया.
  • 1986:- list में से सबसे अच्छी तकनीक को choose करने के लिए field tests किये गये.
  • 1987:- TDMA (time division multiple access) को एक्सेस मेथड के रूप में चुना गया,.
  • 1988:- GSM सिस्टम को validate किया गया.
  • 1989:- ETSI (European telecommunication standards institute) को GSM standards को manage करने की जिम्मेदारी दी गयी.
  • 1990:- G.SM का फेज1 release किया गया.
  • 1991:- G.SM सर्विस को commercialy लांच किया गया.
  • 1993:- G.SM सेवाओं को यूरोप के बाहर भी शुरू किया गया.
  • 1995:- इसका phase 2 भी release किया गया.
  • 2004:- इसका subscription 1 करोड़ लोगो ने ले लिया.

GSM Architecture in Hindi

GSM का आर्किटेक्चर एक जटिल संरचना है, जो कई भागों से मिलकर बनता है। इसमें मुख्य रूप से तीन प्रमुख हिस्से होते हैं:

  • मोबाइल स्टेशन (MS),
  • बेस ट्रांसिवर स्टेशन (BTS),
  • नेटवर्क स्टेशन (BSC, MSC)

इस संरचना का उद्देश्य नेटवर्क के अंदर विभिन्न कार्यों को सहज और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करना है।

GSM आर्किटेक्चर के मुख्य घटक

  • Mobile Station (MS): यह वह उपकरण है जिसे हम मोबाइल फोन के रूप में जानते हैं। यह कॉल और डेटा सेवाओं के लिए उपयोगकर्ता के उपकरण के रूप में कार्य करता है।
  • Base Transceiver Station (BTS): यह GSM नेटवर्क का वह हिस्सा है जो मोबाइल फोन के साथ संपर्क स्थापित करता है। यह रेडियो तरंगों के माध्यम से संचार करता है।
  • Base Station Controller (BSC): यह BTS और MSC के बीच संचार का प्रबंधन करता है। यह नेटवर्क के संसाधनों का नियंत्रण करता है।
  • Mobile Switching Center (MSC): यह नेटवर्क का केंद्रीय घटक है, जो कॉल को रूट करता है और ट्रांसमिशन के लिए आवश्यक निर्णय लेता है।
  • Home Location Register (HLR): यह एक डेटाबेस है, जो उपयोगकर्ता की स्थिति, नंबर, और अन्य जानकारी को संग्रहीत करता है।
  • Visitor Location Register (VLR): यह HLR के साथ जुड़ा होता है और उपयोगकर्ता की वर्तमान स्थिति को ट्रैक करता है।

GSM Components in Hindi

GSM नेटवर्क में विभिन्न प्रकार के घटक होते हैं जो इस नेटवर्क के संचालन को सुनिश्चित करते हैं। इन घटकों में हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर दोनों ही शामिल होते हैं, जो इसे काम करने के लिए आवश्यक बनाते हैं।

GSM के मुख्य घटक

  • Subscriber Identity Module (SIM): यह एक छोटा चिप कार्ड होता है, जो मोबाइल फोन में डाला जाता है और उपयोगकर्ता की पहचान करता है।
  • BTS (Base Transceiver Station): यह वह स्थान है जहां से मोबाइल फोन के साथ संचार स्थापित होता है। यह नेटवर्क के सभी सेलुलर क्षेत्रों में स्थित होते हैं।
  • MSC (Mobile Switching Center): यह नेटवर्क का केंद्रीय हिस्सा होता है जो कॉल ट्रांसफर और कनेक्शन की पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित करता है।
  • HLR (Home Location Register): यह एक डेटाबेस होता है जिसमें सभी उपयोगकर्ताओं की जानकारी, जैसे कि उनकी स्थिति और सेवा प्रकार, संग्रहीत होती है।
  • VLR (Visitor Location Register): यह वह घटक है जो उपयोगकर्ता की स्थिति और उनके कॉल रिकॉर्ड्स को ट्रैक करता है।
  • GMSC (Gateway Mobile Switching Center): यह नेटवर्क के बीच बाहरी कनेक्शन को मैनेज करता है और अन्य नेटवर्क से संचार स्थापित करता है।

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